Wednesday, June 2, 2010




मधुवन में बैठी राधा
कर रही इंतज़ार हैं
हाँ आज भी उसे प्यार हैं
पा ना सकी उसे तो क्या
मीरा आज भी बेकरार हैं
हाँ उसे भी प्यार हैं
मिलन की प्यासी
अपने भजन मैं
राधा ने पाया अपने मन में
मीरा ने पाया अपनी भक्ति में

क्या येही प्यार हैं
……………….हाँ शायद यही प्यार हैं…..

3 comments:

संजय भास्कर said...

palak ji its really touching.. aap ki sari kavitaye muje itni pasad aai ki mai bata nahi sakta

संजय भास्कर said...

radha ke intzar ka shi varnan kiya hai...

kamlesh vijay said...

RADHA TU BAD BHAGINI KON TAPSYA KEEN TEEN LO TARN TARN SAB TERE ADHEEN YAHI PYAR HE