Thursday, March 26, 2015

कश्मकश......




मैने कहा  वो अजनबी है ,
दिल ने कहा ये दिल कि लगी है 
मैने कहा वो सपना है ,
दिल ने कहा वो फ़िर् भी अपना है
मैने कहा ये दो पल कि मुलाकात है ,
दिल ने कहा ये सदियो का साथ है 
मैने कहा वहा मेरी हार है ,
दिल ने कहा वहि तो "प्यार " है ..............


1 comment:

संजय भास्‍कर said...

वाह ... बेहतरीन