Thursday, November 6, 2008

अब सोचती हु के तेरा नाम ले लू ...


मैं सर पर महोब्बत का इल्जाम ले लू
इजाजत अगर हो तेरा नाम ले लू

मेरी जिन्दगी बेमजा हो गई है
दो एक पल तो तेरी बात कह लू

मेरी शामे बेहाल तनहाइयों से
कहो तो तुम्हारी कोई शाम उधार ले लू

मैं बदनामियों से डरती रही हु
अब सोचती हु के तेरा नाम ले लू ...

पलक PG

2 comments:

Anonymous said...

Naam Tera Kya Likh Du Bata Husn Tera Kya Likh Du Bata Likh Du Gar Shabdo Mein Jism Tera Khuda Ka Kya Ehsaan Likh Du Bata


Pearl...

Atharv said...

मैं सर पर महोब्बत का इल्जाम ले लू
इजाजत अगर हो तेरा नाम ले लू

bahut khub.....

keep posting