Wednesday, January 27, 2010

वो शक्श ......!!!


मेरे लिए कुछ ख़ास है वो शक्स...
मेरे लिए मेरी रूह है वो शक्स...

जिसकी बातों ने मुज को मुझसे से चुरा लिया,
मेरे लिए मेरी साँसे है वो शक्स...

जिसकी हर एक अदा ने मुझे पागल बना दिया.
मेरे लिए मेरी सारी खुशिया है वो शक्स...

जिसे खुश देख कर मेरा दिल खुश हुआ,
मेरे लिए मेरा नूर है वो शक्स...

जिसे मै अपना साया कह सकू,
मेरे लिए मेरी ज़िन्दगी ही है वो शक्स...
PG


2 comments:

Pearl said...

मेरे लिए मेरी रूह है, ज़िन्दगी है, मेरा नूर है,मेरी साँसे है, मेरी सारी खुशिया है वो शक्स...

Pearl...

संजय भास्कर said...

अंतिम पंक्तियाँ दिल को छू गयीं.... बहुत सुंदर कविता....