Tuesday, June 14, 2011

फिर मिलना उसका....




ज़िन्दगी में, मिल गया फिर वो,
एक रात की बात थी
कुछ कह नहीं पाए हम
वक़्त की बात थी
आँखों से आसू बरसते रहे
जस्बात की बात थी
कुछ ना कहा कर भी, सब कह गया वोह,
अंदाज़ की बात थी ..
चाह कर भी ना रोक सके उसे हम,
हालत की बात थी
वो किसी और का था
किस्मत की बात थी
यह कहना ना किसी से तुम
राज़ की बात है



3 comments:

संजय भास्कर said...

बहुत खूबसूरती के साथ शब्दों को पिरोया है इन पंक्तिया में आपने

संजय भास्कर said...

हर शब्‍द बहुत कुछ कहता हुआ, बेहतरीन अभिव्‍यक्ति के लिये बधाई के साथ शुभकामनायें ।

Raj said...

Mein yeh sochta reh gaya ki...."Is pyaare se ehsaash ko itne saral sabdo mein keise bayaan kiya jaa sakta hai!!"

bahut sundar likha hai aap ne sachhi....