Wednesday, March 25, 2015




सासो का  बसर तुम से तुम्ही तक है ,

हा मेरी महोब्बत  तुम से तुम्ही तक है ,

जस्बा - ए  - इश्क़् सच न होता तो रास्ता बदल लैते ,

मिटे  हुए रस्तो का गुजर  तुम से तुम्ही तक है ,

मेरे हमसफ़र्  इन चहतो  के  रंगो  मै ,

हर रंग मेरा  तुम से  तुम्ही  तक है 

आज जिन्दगी  से कुछ्  यु  मुलक़ात्  हुए ..

कि  लगा जिन्दगी  का हर लम्हा ...

तुम से तुम्ही तक है.......


पलक 

Thursday, March 13, 2014



अगर आसमान तक मेरा हाथ जाता

तो चाद तोड  कर तेरे हाथो  मै पह्नाता  ....


तेरी फ़ितरत पर मुजे कोइ शक़ नही ..

तुजे पा लेना ही  शायद मेरे हक़ मै नही ..

पल 


Wednesday, March 12, 2014

वो खत ..





आज एक पुरानी याद से अचानक  सामना हो गया 

ना जाने क्यु  उस खत को  देखकर रो पडे ..

उस खत मे जो अजाब्  था..

कुछ सुखे हुए गुलाब थे ...

कुछ सवाल थे ..

कुछ जवाब थे ...

कही  हसी थी ..

कही दर्द  था ...

कही जूठा गुस्सा ..

तो कही बेबाक  महोब्बत  के इकरार  थे ..

उस खत  कि सिहायि  का रंग 

आज भी सुर्ख लाल था...

उस खत  के हर कोने  पर ..

महोब्बत के निशान थे...

वो खत हमारी महोब्बत के गवाह थे ....



Tuesday, March 11, 2014



जिस सूरत से....

मेरा वजुद् ...

मेरी पेहचान  रही ....

अफ़्सॊस् ..

वही  सूरत मेरे इश्क़् से 

अनजान रही ...

धडकनो मै  मैने बसाया था उनको 

ना जाने मेरी वो धडकने क्यू मुज 

से बेइमान  रही .....






दिन   कि रोशनी मै बिखर जाती  है यादे  तेरी......
और रात बीत जाती  है तेरी यादे समेट ने मे ......

पल 

Friday, September 20, 2013

बेटियां....




बेटियां तो परियों का रूप होती है …

या कड़कती ठण्ड में सुहानी धूप होती है …

वो होती है उदासी के हर मर्ज़ की दवा की तरह …

या ओस में शीतल हवा की तरह …

वो चिड़ियों की चेहचाहट है , या के निश्छल

खिलकिलाहट है …

वो आँगन में फैला उजाला है ..

या पापा के गुस्से पे लगा ताला है …

वो पहाड़ की चोटी पे सूरज की किरण है …

या ज़िन्दगी सही जीने का आचरण है…......

है वो ताकत जो छोटे से घर को महल बना दे …

है वो काफ़िया जो किसी ग़ज़ल को मुक्कमल कर दे …

वो अक्षर जो न हो तो वर्ण माला अधूरी है …

वो , जो सबसे ज्यादा ज़रूरी है …

ये कह सकते की वो हर वक़्त साथ साथ होती है ,

बेटियाँ तो सिर्फ एक एहसास होती हैं ..



पल 

U R My Life My Sweet Angle.. Dattvi...