
तेरा हाथ थामे चले थे हम
जब जिंदगी की राह में
आज पूछता है दिल मेरा मुझसे
वो लम्हे हसीं किधर गये
वो मुस्कुराती हुए जिंदगी हर पल
और हसीं ख्वाब थे आँखों में
आज पूछते हैं खुद से हम की
वो रात दिन किधर गए
कभी एक पल भी इक दूजे से होके
जुदा जी ना पाते थे हम
आज जाने कैसे ये दिन ये साल
मेरे तेरे बिन गुजेर गए
जब जिंदगी की राह में
आज पूछता है दिल मेरा मुझसे
वो लम्हे हसीं किधर गये
वो मुस्कुराती हुए जिंदगी हर पल
और हसीं ख्वाब थे आँखों में
आज पूछते हैं खुद से हम की
वो रात दिन किधर गए
कभी एक पल भी इक दूजे से होके
जुदा जी ना पाते थे हम
आज जाने कैसे ये दिन ये साल
मेरे तेरे बिन गुजेर गए
जाने वो पल किधर गए ....
अब
कैसे बीते
कैसे जिए
कहा गए ....
क्या करे ये सोच कर
बस ये तो सिर्फ
जाने मेरा रब
जिसके हाथों छुटी मेरे सांसो की डोर ......






