*****I read following lines some where from Sarveshwar Dayal Saxena and liked them a lot। I found a trueness in the words of the poet and feel a new strength with in me repeating these lines again and again। I thought of sharing it with you guys and hope the readers will also find it good. ******
शक्ति अगर सीमित है
तो हर चीज अशक्त भी है,
भुजाएं अगर छोटी है
तो सागर भी सिमटा हुआ है,
सामर्थ्य केवल इच्छा का दूसरा नाम है,
जीवन और म्रत्यु के बीच जो भूमि है,
वो नियति की नही, मेरी है ........ PG
Friday, December 26, 2008
Saturday, December 20, 2008
उम्मीद की डोर ...!!!!
Wednesday, December 17, 2008
पत्थर सी यादें ...!!!!
Monday, December 15, 2008
इक दिल के सिवा !!

है क्या हमारा.. ,
कुछ ख्वाहिशों के सिवा,
चंद दिन उधार के,
उस पर कोई हक नहीं
इक वेहेम के सिवा.
किसे अपना समझते है,
यह जिंदगी कुछ नहीं
इक फरेब के सिवा
कुछ ख्वाहिशों के सिवा,
चंद दिन उधार के,
उस पर कोई हक नहीं
इक वेहेम के सिवा.
किसे अपना समझते है,
यह जिंदगी कुछ नहीं
इक फरेब के सिवा
ना कोई था,
ना कोई है, ना कुछ रहेगा
इक ठंडी सी आह के सिवा.
कितनी चोट गिनती करें,
बदन पर कुछ नही रहा ज़क्मो के सिवा,'
हम थक गए
पर वोह नहीं,
सब है उसके पास
इक दिल के सिवा !!
ना कोई है, ना कुछ रहेगा
इक ठंडी सी आह के सिवा.
कितनी चोट गिनती करें,
बदन पर कुछ नही रहा ज़क्मो के सिवा,'
हम थक गए
पर वोह नहीं,
सब है उसके पास
इक दिल के सिवा !!
PG
Saturday, December 13, 2008
अनछुआ नाम ....!!!

रोक दू इस जहाँ को,
अगर बस चले मेरा,
और रोक दू इस शाम को,
कभी ना आने दू वोह सवेरा.
ऐ हवा तुझे नही आजादी,
और नही मेरी इजाज़त,
बह जाए ना यह रूहानी खुशबू,
कुछ ऐसे है उनकी आहट.
थम जा ऐ समां,
की आज मैं उनके साथ नही,
बीते हुए लम्हों मैं जी लुंगी,
बिरह का मुझे एहसास नही.
तेरा आज मैं नही अगर,
मुकद्दरों से यह एलान है,
जहाँ-ऐ-गुमनाम तुम याद रखना,
माथे पे लिखा सिर्फ़ तेरा नाम है।
अगर बस चले मेरा,
और रोक दू इस शाम को,
कभी ना आने दू वोह सवेरा.
ऐ हवा तुझे नही आजादी,
और नही मेरी इजाज़त,
बह जाए ना यह रूहानी खुशबू,
कुछ ऐसे है उनकी आहट.
थम जा ऐ समां,
की आज मैं उनके साथ नही,
बीते हुए लम्हों मैं जी लुंगी,
बिरह का मुझे एहसास नही.
तेरा आज मैं नही अगर,
मुकद्दरों से यह एलान है,
जहाँ-ऐ-गुमनाम तुम याद रखना,
माथे पे लिखा सिर्फ़ तेरा नाम है।
एक अनछुआ सा नाम ...
पलक (PG)
Thursday, December 11, 2008
Waiting For U ....!!!!
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