Wednesday, September 10, 2008

दिल ने किसी को दिल से चाहा ..!!!


एक बेकरारी मै डूब कर ,
एक मस्ती मैं जूम कर,
महोब्बत के अपना इज़हार किया ,
जिन्दगी मै पहली बार ,
दिल ने किसी को दिल से चाहा.....


ख्वाब बने आरजू की तरह
उम्मीद बनी जिन्दगी की तरह
हर एहसास ने इकरार चाहा
जिन्दगी मै पहली बार
दिल ने किसी को दिल से चाहा.....


ऐतबार का हाथ थम कर,
यादों को हमराह ले कर,
इस मोसम ने बे-इख्तियार चाहा,
जिन्दगी मै पहली बार
दिल ने किसी को दिल से चाहा....


एक खुबसूरत इत्मीनान की तरह,
तुम हो एक दुआ की तरह,
हम ने टूट का चाहा,
जिन्दगी मै पहली बार
दिल ने किसी को दिल से चाहा ...!!!!!


पलक





Tuesday, September 9, 2008

फासले ऐसे भी होगे ...!


फासले ऐसे भी होगे ये कभी सोचा ना था
सामने भी था वो मेरा पर वो मेरा ना था
वो कोई खुश्बू की तरह फैला था मेरे चारो और
मै उसे महसूस कर सकती थी पर छूना मुमकिन ना था
रात भर उस की आहात कानो मई आती रही
जाख कर देखा गली मै पर वो आया ना था
अक्स तो मौजूद था पर अक्स तन्हाई के थे
आइना तो था मगर उस मैं तेरे चेहरा ना था
आज उस ने दर्द भी अपने अलहदा कर दिया
आज हम रोये तो मेरे साथ वो रोया ना था
याद करके और भी तकलीफ होती है
भूल जाने के सिवा अब कोई भी चारा ना था.. पलक

Monday, September 8, 2008

Khwab...

ahsas or khwab dono ek nahi ha
me janti hoo, ye bhi
magar tera khwab to mera ahsas ban gaya
har pal aisa lgta ha, jaise tere sparsh se man sihar gaya
teri sanso ki garmi mere tan me kho gayi
meri jagti akno me bhi ye khwab bas gaya
kyu pyar hua, hame ab tak us din ko roa karte ha
ab ye khwab meri jaaan ka dushman ban gaya

Saturday, September 6, 2008

Milte nahi alfaaz….


Milte nahi alfaaz to kis tarah likhu
Gum aaj bhi hai aas-paas kis tarah likhu
Milte nahi alfaaz….


Kalpana ke baadlo me chahti hu udnaa
"Par" nahi hai mere paas kis tarah likhu
Gum aaj bhi hai aas-paas kis tarah likhu
Milte nahi alfaaz….


Rehtaa thaa banke dhadkan vo shaks jis dil me
Vo dil nahi hai mere paas kis tarah likhu
Gum aaj bhi hai aas-paas kis tarah likhu
Milte nahi alfaaz….


Jiski wafaa ke charche kartay thay dino-raat
Usse nahi wafaa ki aas kis tarah likhu
Gum aaj bhi hai aas-paas kis tarah likhu
Milte nahi alfaaz….


Vo aaya banke baadal,barsaa nahi magar
Hothon pe meri uski pyaas kis tarah likhu
Gum aaj bhi hai aas-paas kis tarah likhu
Milte nahi alfaaz….


Milte nahi alfaaz to kis tarah likhu
Gum aaj bhi hai aas-paas kis tarah likhu
Milte nahi alfaaz….


Palak

Thursday, September 4, 2008

साहील…


वास्तवीकता के हदो से दूर
कल्पना के पास
हवा मे घुलते कोशिशो के अहसास
छलकते रंगो मे ढलता दीन
नीशा के आहटो पर सीसकती शाम



लम्हो के सागर मे उभरती डूब्ती परछाई
अचल संवेदनओ पर लकीरे गहराई
कीसी अजनबी, अदर्श्य स्पर्श पर मुस्कुराते अधर
थमने सा लगता है शबदो का असर
आँखो मे भी क्षितीज दूर कही
तभी प्यासा हर्दय मर्गतर्षणा मे कह उठथा है
कही यह साहील तो नही ....





***********Palak**********

Tuesday, September 2, 2008



तुम पूछो और मैं न बताऊ ऐसे तो हालात नही ,
एक जरा सा दिल टूट है और कोई बात नही
किसको ख़बर थी सवाले बदल भी बिन बरसे उड़ जाते है
सावन आया लेकिन अपनी किस्मत मै बरसात नही..
टूट गया जब ये दिल तो फ़िर ये साँस का नगमा क्या माने ..
गूंज रही है वो शेहनाई जब वो बात ही नही ,
ग़म के अंधेरे मै किसे मै अपना मानु,
जब साया ही साथ नही ...
माना जीवन मै महोब्बत एक बार ही होती है
क्या तू जी पायेगा महोब्बत को छोड़ कर
क्यों तू परेसान है मेरे नसीब को ले कर..
जैसे मै पत्थर हु या मेरे सीने मै जस्बात ही नही....?????


palak

Monday, September 1, 2008

अगर तू ..!!!!!


एक हल्का सा इशारा तू अगर कर देता ,
तमाम उमर तेरे इंतजार कर लेते ,
वादे कर के तुम्हें तोड़ दिए है बहुत लेकिन ....
बस एक आखरी बार ऐतबार कर लेते ,
मेरे बारे मैं सुन के तुम परेसान न होना ,
हां अगर पूछ लेते तुम किसी से हाल मेरा ,
तो रफेकों मैं तेरे भी शुमार कर लेते ,
चंद घड़ी जो बितायीं थी जो हम ने साथ तेरे ,
आज वो मेरी जिन्दगी की सब से हसीं दौलत है ,
जो आज तू एक बार इशारा कर देता ,
तो उन्ही यादों मई हम अपनी जिन्दगी बसर कर लेते...


पलक....