
एक बेकरारी मै डूब कर ,
एक मस्ती मैं जूम कर,
महोब्बत के अपना इज़हार किया ,
जिन्दगी मै पहली बार ,
दिल ने किसी को दिल से चाहा.....
ख्वाब बने आरजू की तरह
उम्मीद बनी जिन्दगी की तरह
हर एहसास ने इकरार चाहा
जिन्दगी मै पहली बार
दिल ने किसी को दिल से चाहा.....
ऐतबार का हाथ थम कर,
यादों को हमराह ले कर,
इस मोसम ने बे-इख्तियार चाहा,
जिन्दगी मै पहली बार
दिल ने किसी को दिल से चाहा....
तुम हो एक दुआ की तरह,
हम ने टूट का चाहा,
जिन्दगी मै पहली बार
दिल ने किसी को दिल से चाहा ...!!!!!




